A negative mind will never give you a positive Life. 

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हाँ मैंने मेला देखा है- A sad poem

हाँ  मैंने मेला देखा है

चुप चाप खड़े एक कोने से झूलो को

चलते देखा है

हाँ  मैंने मेला देखा है

 

परदे के पीछे से छिपकर जोकर को हसते देखा है

हाँ मैंने मेला देखा है

 

चंचल मन में लिए लालसा

मैंने सोच लिया जब वो बर्फ का गोला खाना है

भीगी आँखों से माँ ने पूछ लिया तब

क्या मेरे लाल ने मेला देख लिया ?

नन्हे बटुए से माँ को चंद पैसे गिनते देखा है

हाँ  मैंने मेला देखा है

 

माँ इन झूलो से डर सा लगता है

भला ये बर्फ भी कोई खाता है

ये जोकर तो यूँ ही हसता है,

चल माँ हाँ मैंने मेला देख लिया.

AJEET SINGH DHRUV(c)